Home » झारखंड » Jharkhand News: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा कानूनी झटका, JPSC परीक्षा रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

Jharkhand News: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा कानूनी झटका, JPSC परीक्षा रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

Facebook
X
WhatsApp

Jharkhand News: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को प्रशासनिक मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है। राज्य सरकार द्वारा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं को रद्द करने के लिए लिए गए हालिया फैसले पर झारखंड उच्च न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए रोक लगा दी है। यह निर्णय राज्य के हजारों उन उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत है, जो इन परीक्षाओं के रद्द होने के कारण अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई और कानूनी समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक सरकार का आदेश प्रभावी नहीं माना जाएगा। कोर्ट के इस हस्तक्षेप से राज्य में जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा की चयन प्रक्रिया के भविष्य को लेकर मची अनिश्चितता पर फिलहाल विराम लग गया है।

न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार से 15 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है, जिसमें परीक्षाओं को रद्द करने के पीछे के तर्कों और संबंधित दस्तावेजी साक्ष्यों को स्पष्ट करना होगा। सरकार को अब यह साबित करना होगा कि उसके द्वारा लिया गया निर्णय पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी दायरे में था।

इस फैसले के बाद कानूनी जानकारों का मानना है कि परीक्षा से जुड़े याचिकाकर्ताओं के लिए यह एक सकारात्मक मोड़ है। कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बाद अब संबंधित परीक्षाओं से प्रभावित होने वाले अभ्यर्थियों के लिए रोजगार और नियुक्ति की प्रक्रिया पुनः पटरी पर लौट सकती है। राज्य सरकार को आगामी सुनवाई में कोर्ट के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय पर तस्वीर साफ हो पाएगी।

बता दें कि जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने के सरकारी आदेश के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार के कदम को गलत ठहरा रहे थे। फिलहाल, अदालत का यह फैसला राज्य की सत्तारूढ़ सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। मामले के अगले अपडेट के लिए छात्र और अभ्यर्थी उच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें