Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा विधानसभा में पूर्ण राज्य के दर्जे से जुड़ा प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद से ही सियासी गलियारों में घमासान मचा हुआ है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को सदन के भीतर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला था, जिसके बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए विधानसभा स्पीकर के खिलाफ ही बड़ा कदम उठा लिया है।
बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के कामकाज के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि स्पीकर ने नियमों को ताक पर रखकर मुख्यमंत्री के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की गई थी। इसी नाराजगी के चलते बीजेपी विधायकों ने सोमवार को सदन के अंदर जोरदार हंगामा किया और वेल में धरने पर बैठ गए।
स्थिति को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा स्पीकर अब्दुल रहीम राथर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंप दिया है। बीजेपी विधायकों का दावा है कि उनके पास 23 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव है, जिसके तहत स्पीकर को अब सदन की कार्यवाही संचालित करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने स्पीकर से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की।
दूसरी तरफ, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेताओं ने बीजेपी के इस आक्रामक रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। एनसी विधायकों ने बीजेपी पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया है। बहरहाल, स्टेटहुड के मुद्दे पर शुरू हुआ यह विवाद अब विधायिका और विपक्ष के बीच एक बड़े टकराव में बदल चुका है, जिससे घाटी का सियासी पारा काफी चढ़ गया है।










