Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में इन दिनों भारी तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। यहां अब्दालपुरा इलाके में स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़े जाने की प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय के भीतर ही दो अलग-अलग राय बनती नजर आ रही है, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है.
प्रशासनिक योजनाओं के मुताबिक सिंहस्थ के मद्देनजर कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को चौड़ा किया जाना है. इस रोड चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में कई धार्मिक स्थल आ रहे हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है. हालांकि, शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के कदम पर स्थानीय लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है, जहां एक गुट इस पर सहमति जता रहा है तो वहीं दूसरा गुट इसका डटकर विरोध कर रहा है.
तनाव को बढ़ता देख स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रभावित इलाके के आसपास करीब दो हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और सुरक्षा के लिहाज से भारी बैरिकेडिंग भी की गई है. रविवार की रात जब भारी पुलिस बल और पोकलैंड मशीनों के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी.
सोमवार को हालात तब और बिगड़ गए जब विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया. स्थिति को बेकाबू होने से रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिसकर्मियों को जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस झड़प के बाद इलाके में भारी पुलिस फोर्स गश्त कर रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.
इस पूरे विवाद के बीच कानूनी मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज हो गई है. सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद को बचाने के लिए मुस्लिम समुदाय का एक धड़ा इंदौर हाई कोर्ट की शरण में पहुंच चुका है, जहां इस मामले पर महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है. कोर्ट के फैसले और प्रशासनिक रुख पर पूरे इलाके की निगाहें टिकी हुई हैं.










