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NEET Paper Leak विवाद: पुलिस की कार्यशैली पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, निष्पक्ष जांच के दिए संकेत

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NEET Paper Leak: देशभर में चर्चा का विषय बने नीट (NEET) पेपर लीक मामले के बीच अब छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उस दौरान हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान सख्त लहजे में टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि कानून किसी के लिए भी ऊपर नहीं है और अगर प्रदर्शन के दौरान किसी ने भी अपनी सीमा लांघी है या तय प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई निश्चित होनी चाहिए। अदालत ने संकेत दिया है कि इस पूरे प्रकरण की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जा सकता है।

न्यायालय ने यह भी साफ किया है कि पुलिस की ज्यादती से जुड़े आरोपों की जांच पूरी तरह से पारदर्शी और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित होगी। अदालत का मानना है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है। अभी जांच समिति के स्वरूप और उसमें शामिल होने वाले सदस्यों को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिस पर आगे की कार्यवाही में चर्चा की जाएगी।

सीजेआई ने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य के लिए एक ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी पूर्व न्यायिक सिद्धांतों को एक जगह संकलित किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद रहें। यह कदम भविष्य में होने वाले आंदोलनों में पुलिस बल की भूमिका को नियंत्रित करने में सहायक साबित हो सकता है।

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर में हुए आंदोलनों के दौरान कई जगहों पर पुलिस द्वारा छात्रों पर बल प्रयोग के आरोप लगे थे। इन आरोपों को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता ने उन सभी छात्रों और संगठनों को एक उम्मीद दी है जो पुलिस कार्रवाई को अनुचित बता रहे थे। अब सबकी निगाहें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां स्वतंत्र जांच के लिए ठोस रूपरेखा तैयार की जा सकती है।

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