Varanasi News: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का परिसर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति का गवाह बना, जब रुइया और बिरला हॉस्टल के छात्रों के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी के साथ लाठी-डंडे चले। इस अचानक भड़की हिंसा से कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी घटना
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस के पहुंचते ही हिंसा में शामिल छात्र मौके से फरार हो गए, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।
डीसीपी काशी जोन, गौरव बंसवाल के अनुसार, इस झड़प की जड़ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान हुई एक बहस में थी, जो समय के साथ गहराती चली गई और अंततः बड़े झगड़े में बदल गई। इस संघर्ष में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। घायल छात्र ने पुलिस को हमलावरों के नाम भी बताए हैं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कुछ बाहरी और पूर्व छात्रों ने इस विवाद को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घायल छात्र का आरोप है कि हमलावरों में ऐसे पूर्व छात्र भी शामिल थे, जो पढ़ाई पूरी होने के बावजूद हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे हैं। ये अनधिकृत रूप से रह रहे लोग अक्सर कैंपस के माहौल को खराब करने का कारण बनते हैं।
हॉस्टलों में सघन जांच अभियान
घटना के बाद से परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। विशेष रूप से बिरला हॉस्टल के बाहर कड़ा पहरा लगाया गया है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम हॉस्टलों के कमरों की सघन जांच कर रही है, ताकि बिना अनुमति रह रहे बाहरी तत्वों और पूर्व छात्रों की पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परिसर की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। शांति बनाए रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
Author: Shivam Verma
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