World News: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने घाना के फॉरेन सर्विस इंस्टीट्यूट में एक विशेष सभा को संबोधित करते हुए भारत और अफ्रीका के रिश्तों पर अहम बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा से अफ्रीका को अपने दिल में बसाए रखता है और दोनों देशों के बीच की यह साझेदारी केवल वर्तमान समय के लिए नहीं, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिए बेहद मजबूत साबित होगी।
मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल और कूटनीतिक चुनौतियों पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिना किसी बड़े टकराव के प्रतिस्पर्धा को संभालना है। उन्होंने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, मजबूत बुनियादी ढांचे और डिजिटल क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र करते हुए देश को वैश्विक विकास का एक प्रमुख इंजन करार दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए जयशंकर ने कहा कि सप्लाई चेन की मजबूती और तकनीकी क्षमताओं का विकास देश की तरक्की के लिए अनिवार्य है। उन्होंने युवा आबादी को कुशल और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि वे ग्लोबल साउथ के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री ने घाना के मंत्रियों के साथ मिलकर एक पौधा भी लगाया, जो पर्यावरण संरक्षण और दोनों देशों की साझा पहलों को दर्शाता है। इसके अलावा उन्होंने घाना में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात कर दोनों देशों के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में उनके योगदान की सराहना की।









