Maharashtra News: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है, क्योंकि इसके लगभग 60 साल पुराने टर्मिनल 1 (T1) को पूरी तरह से आधुनिक बनाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है. इस महत्वपूर्ण रिनोवेशन प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट प्रबंधन ने टर्मिनल 2 (T2) से संचालित होने वाली करीब 265 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नए नवेले नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रांसफर करने का फैसला लिया है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो.
अडानी ग्रुप के प्रबंधन के अंतर्गत आने वाले इन दोनों एयरपोर्ट्स पर इस बदलाव की प्रक्रिया आगामी 25 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है. दरअसल, T1 को नए सिरे से तैयार करने के दौरान वहां की घरेलू उड़ानों को T2 पर शिफ्ट किया जाना है, जिससे वहां यात्रियों और विमानों का दबाव काफी बढ़ जाएगा. इसी अत्यधिक भीड़भाड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई भेजने का यह कदम उठाया गया है, जिसे एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक अस्थायी व्यवस्था बताया है.
इस बड़े बदलाव से देश-विदेश की करीब 46 एयरलाइंस कंपनियों के सामने एक नई लॉजिस्टिक चुनौती खड़ी हो गई है. विशेष रूप से इंडिगो, एअर इंडिया, आकासा एयर और कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां इससे प्रभावित हो रही हैं. एयरलाइंस का कहना है कि अचानक उड़ानों के रूट और लोकेशन बदलना बेहद जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि इसके लिए ग्राउंड स्टाफ, केबिन क्रू, कैटरिंग और तकनीकी देखरेख जैसी तमाम व्यवस्थाओं को नए सिरे से मैनेज करना पड़ता है.
विमानन इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों और एयरलाइंस का यह भी तर्क है कि सर्दियों के सीजन के लिए उनके टिकट पहले ही बिक चुके हैं, ऐसे में इस तरह का अचानक बदलाव करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. इसके अलावा, एक ही शहर के दायरे में दो अलग-अलग एयरपोर्ट्स से संचालन करने पर कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च भी काफी बढ़ जाएगा, जिसको लेकर एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन के बीच लगातार बातचीत का दौर जारी है.
दूसरी ओर, यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट पर यूजर फीस अधिक होने के कारण किराए में आने वाले अंतर की भरपाई के लिए कैश वाउचर जैसी सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस नवीनीकरण कार्य के पूरा होने के बाद मुंबई एयरपोर्ट की यात्री हैंडलिंग क्षमता में लगभग 33 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे भविष्य में एयर यात्रियों को बेहद आधुनिक और विश्व स्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी.









