Rajasthan News: राजस्थान में प्रशासनिक कामकाज को और अधिक जवाबदेह तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर के शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन और किसानों से जुड़े परिवादों का बिना किसी देरी के त्वरित निस्तारण किया जाए, ताकि समाज के हर वर्ग को समय पर राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे तौर पर कई शिकायतकर्ताओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान पर फीडबैक लिया। इस दौरान बहादुर सिंह और राधे जी जैसे नागरिकों ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि उनके वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण और ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का विभाग द्वारा सफलतापूर्वक समाधान कर दिया गया है। प्रशासनिक मुखिया द्वारा इस प्रकार सीधे जनता से जुड़ने से सरकारी तंत्र में लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।
वी. श्रीनिवास ने सहकारिता, परिवहन, कृषि और राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) से जुड़े विभिन्न मामलों की गहन समीक्षा की। कृषि विभाग से जुड़ी सब्सिडी और योजनाओं के मामलों में उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना से संबंधित सभी पेंडिंग शिकायतों का समयबद्ध निपटारा किया जाए, जिससे अन्नदाताओं और दुग्ध उत्पादकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक और निरीक्षण के दौरान परिवहन तथा डेयरी फेडरेशन से जुड़े परिवादों के निस्तारण में आए औसत समय की सराहना की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी से बचना चाहिए और प्रत्येक स्तर पर प्रशासनिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, राजफेड प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा और आरसीडीएफ प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।










