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कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़: एक अनाउंसमेंट ने कैसे बदल दी खुशियां मातम में, बाल-बाल बची महिला का खुलासा

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को हुई भयानक भगदड़ ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 19 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि करीब 250 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। पावन पर्व के दौरान मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचे भक्तों को शायद इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी यह खुशी कुछ ही पलों में सबसे बड़े मातम में बदल जाएगी। इस घटना के बाद से ही पंडाल के सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

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हादसे के दौरान मौके पर मौजूद और बाल-बाल बची एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने इस पूरी त्रासदी की खौफनाक दास्तां बयां की है। महिला ने दावा किया कि पंडाल के भीतर हालात पहले से ही तनावपूर्ण थे क्योंकि वहां आवाजाही के लिए एंट्री और एग्जिट गेट बहुत ज्यादा संकरे बनाए गए थे। इसके अलावा, पंडाल के अंदर का रास्ता पूरी तरह से घुमावदार यानी स्पाइरल शेप में था, जिसकी वजह से भारी भीड़ के बीच लोगों के लिए सुरक्षित बाहर निकलना लगभग नामुमकिन सा हो गया था और वहां भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

महिला ने आगे खुलासा किया कि असली भगदड़ तब मची जब पंडाल के अंदर एक अनाउंसमेंट किया गया। उस घोषणा में कहा गया था कि भारी भीड़ के दबाव के कारण पंडाल ढह सकता है या गिर सकता है। इस चेतावनी को सुनते ही वहां मौजूद हजारों लोगों के बीच अफरा-तफरी और भारी दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने की होड़ में लोग इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और देखते ही देखते भयानक भगदड़ मच गई जिसमें कई लोगों की जान चली गई।

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने पंडाल प्रबंधन की लचर व्यवस्था पर कड़ा रोष जताते हुए बताया कि वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पेशेवर सुरक्षाकर्मियों की बजाय कम उम्र के बच्चों को वॉलंटियर के रूप में तैनात किया गया था। नासमझ होने के कारण वे बच्चे बेकाबू होती भारी भीड़ को संभालने में पूरी तरह असफल रहे और लोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। कुप्रबंधन का यह आलम इस बड़े हादसे की एक मुख्य वजह बनकर सामने आया है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद हरकत में आई कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर चोरबागान और आसपास के कई इलाकों में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में कड़े एक्शन के निर्देश दिए हैं जिसके तहत पुलिस ने पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और एसआईटी का गठन कर गहन जांच शुरू कर दी है ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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