Manipur News: मणिपुर में एक बार फिर से अशांति का माहौल देखने को मिला है, जहां कामजोंग जिले के चासाद गांव में असामाजिक तत्वों और उग्रवादियों ने जमकर तांडव मचाया। इस ताजा हिंसक घटना के दौरान कुकी समुदाय के लगभग 15 रिहायशी घरों को आग के हवाले कर दिया गया। अचानक हुई इस भारी तोड़फोड़ और आगजनी की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय निवासियों में डर का माहौल व्याप्त हो गया है।
हिंसा की इस खौफनाक वारदात के बाद अपनी जान बचाने के लिए ग्रामीण घरों को छोड़कर घने जंगलों और नजदीकी सुरक्षा शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को हुई अंधाधुंध गोलीबारी में कुकी समुदाय के एक नागरिक की जान चली गई थी, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना ने एक बार फिर पूर्वोत्तर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं। कानून व्यवस्था को बहाल करने और उपद्रवियों पर लगाम कसने के लिए असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टुकड़ियों को मैदान में उतारा गया है। सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भी नई अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद गांव में हुई इस निंदनीय हिंसा की कड़ी शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घरों को जलाना और निर्दोषों पर हमले करना एक बेहद गंभीर और असहनीय अपराध है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कामजोंग जिला मुख्यालय में एक अन्य झड़प के दौरान प्रतिद्वंद्वी समूहों के हमलों में तांगखुल नागा समुदाय के तीन अन्य नागरिकों को भी गोलियां लगी हैं। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस दोहरी हिंसा के बाद बेहद सतर्क हो गई हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।










