दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है, जिसे देखते हुए प्रशासन और सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजधानीवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकारी प्रयासों का पूरा समर्थन करें और सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले अनफिट वाहनों को बिल्कुल न लाएं।
वर्तमान समय में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) लगभग 250 के आसपास चल रहा है, जो कि खराब श्रेणी में आता है। हालात से निपटने के लिए क्षेत्र में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप-1 की पाबंदियां पहले से ही लागू कर दी गई हैं। इसके बावजूद मौसम के बदलते मिजाज और सुबह छाने वाले कोहरे व धुंध के कारण स्थिति में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों से संभलकर चलने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि बिना वैध पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण) सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर वाहनों को ले जाने और वहां बहस करने से समस्या हल नहीं होगी। दोपहिया वाहनों की भारी संख्या प्रदूषण को और अधिक बढ़ाती है, इसलिए वाहन मालिकों को खुद आगे आकर नियमों का पालन करना चाहिए।
सरकार की ओर से कड़े कदम उठाते हुए पहले ही ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति का प्रस्ताव रखा जा चुका है, ताकि वैध दस्तावेज न होने पर गाड़ियों को ईंधन न मिल सके। इसके अलावा, 1 नवंबर से बीएस-VI मानकों का पालन न करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी सख्त पाबंदियां लागू की जा रही हैं ताकि वायु गुणवत्ता को सुधारा जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के कमिश्नर से विशेष बातचीत की गई है। ग्रैप-1 के नियमों के तहत राजधानी की सीमाओं पर भारी और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि अनधिकृत वाहनों को शहर में घुसने से रोककर प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।










