हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए इस बार की दिवाली बेहद खुशियों भरी रहने वाली है। राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए प्रदेश के सभी कर्मचारियों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता यानी डीए देने का बड़ा एलान किया है। इस फैसले से राज्य के करीब साढ़े तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्हें इस सौगात का लंबे समय से इंतजार था।
राजधानी शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार दिए जाने वाले डीए में इस वर्ष का चार प्रतिशत भत्ता और पिछले साल का एक प्रतिशत लंबित बकाया डीए भी शामिल किया गया है। सरकार के इस कदम से कर्मचारियों की आय में इजाफा होगा और त्योहारी सीजन में उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस डीए बढ़ोतरी से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना आगामी पहली नवंबर को जारी कर दी जाएगी।
महंगाई भत्ते के अलावा सरकार ने समाज के और निचले तबके के कर्मचारियों का विशेष ध्यान रखा है। घोषणा के तहत क्लास-फोर के कर्मचारियों को पांच प्रतिशत डीए के साथ-साथ दस हजार रुपये अतिरिक्त एरियर के रूप में दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश के पेंशनभोगियों को भी राहत देते हुए दस हजार रुपये की राशि देने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी अपने परिवार के साथ धूमधाम से त्योहार मना सकें।
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति और कर्ज के आंकड़ों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने पूर्व सरकार के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के दौरान लिए गए कर्ज का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के उन दावों को खारिज किया जिसमें राज्य पर एक लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज होने की बात कही जा रही थी, और स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज निन्यानवे हजार पांच सौ चौसठ करोड़ रुपये है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने किशाऊ बांध परियोजना और बीबीएमबी से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रख रहे हैं। राजनीतिक मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के भीतर कई गुट बने हुए हैं और वे राज्य के विकास में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।










