त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हद तक बढ़ने लगा है। हवा की गुणवत्ता में लगातार आ रही भारी गिरावट के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को सांस लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई प्रमुख हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 400 का आंकड़ा पार कर गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में हवा की स्थिति बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है। मंगलवार की सुबह रोहिणी में एक्यूआई 429 दर्ज किया गया, जबकि पंजाबी बाग में यह 424 और बवाना में 408 के खतरनाक स्तर पर रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में वायु प्रदूषण की यह डरावनी स्थिति स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है और प्रशासन की नींद उड़ गई है।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पड़ोसी शहर नोएडा का हाल भी कुछ ऐसा ही बना हुआ है। नोएडा के सेक्टर 62 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 404 पर पहुंच गया है, जो सीधे तौर पर गंभीर श्रेणी के अंतर्गत आता है। इसके अलावा, सेक्टर 39 में एक्यूआई 365 और सेक्टर 150 में 343 दर्ज किया गया है, जो हवा की खराब होती गुणवत्ता को साफ तौर पर बयां करता है।
बढ़ते प्रदूषण के खतरे को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं। वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रहे इजाफे को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप नियमों के अगले चरण की पाबंदियों को सख्ती से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सटी सीमाओं पर सुरक्षा बलों और पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर पैनी नजर रखी जा सके।










