अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। जर्मनी के विदेश मंत्री द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का समर्थन किए जाने पर तेहरान ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस बयान को बेहद शर्मनाक और निचले स्तर की राजनीति करार दिया है। तेहरान का मानना है कि यूरोपीय देश इस तरह के बयानों के जरिए क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को और ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के उस हालिया पॉडकास्ट से हुई, जिसमें उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से ईरान पर हुए सैन्य हमलों को सही ठहराने की कोशिश की थी। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर हमले का समर्थन नहीं किया, लेकिन उनका यह कहना था कि इस तनाव के मूल में ईरान खुद है, जो अपनी हरकतों से क्षेत्रीय शांति को भंग कर रहा है। इस बयान के सामने आने के बाद से ही ईरानी प्रशासन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और कूटनीतिक स्तर पर इसकी आलोचना की जा रही है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जर्मनी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ समय पहले तक वे इजरायल के हमलों को ‘गंदा काम’ बता रहे थे और अब उनकी नीतियों में आए इस यू-टर्न से उनका दोहरा चरित्र उजागर होता है। बाघेई ने आरोप लगाया कि यूरोपीय नेता मानवीय जीवन के नुकसान और युद्ध अपराधों के प्रति पूरी तरह से उदासीन हो चुके हैं।
ईरान का यह भी कहना है कि इस युद्ध की वजह से खुद यूरोपीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, फिर भी वहां के नेता इस बात को समझ पाने में असमर्थ हैं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, जर्मनी जैसे देशों को अपनी अर्थव्यवस्था को लग रहे अरबों यूरो के झटके साफ तौर पर दिखाई देने चाहिए, लेकिन वे कूटनीतिक दबाव के चलते सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं। तेहरान ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम एशियाई मामलों में बाहरी ताकतों का दखल और इस तरह के भड़काऊ बयान हालात को और ज्यादा बिगाड़ सकते हैं।









