Home » उत्तर प्रदेश » AMU छात्रसंघ चुनाव: दृष्टिबाधित मोहम्मद अहमद खान की चुनावी दावेदारी बनी चर्चा का विषय

AMU छात्रसंघ चुनाव: दृष्टिबाधित मोहम्मद अहमद खान की चुनावी दावेदारी बनी चर्चा का विषय

AMU student union election blind candidate news
Facebook
X
WhatsApp

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहे छात्रसंघ चुनाव इन दिनों पूरे कैंपस में चर्चा का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इस चुनाव में जहां स्टूडेंट्स का उत्साह चरम पर है, वहीं एक प्रत्याशी ने अपनी अटूट इच्छाशक्ति से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जन्म से दृष्टिबाधित मोहम्मद अहमद खान इस बार कैबिनेट सदस्य के पद के लिए चुनावी मैदान में हैं और अपनी मेहनत से छात्रों के बीच अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं。

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

मोहम्मद अहमद खान वर्तमान में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन से बीएड फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं। शारीरिक चुनौती उनके लिए कभी भी बाधा नहीं बनी। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जिस तरह से छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा और अपने विजन को उनके सामने रखा, वह वाकई में काबिले तारीफ है। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि सेवा और नेतृत्व के लिए आंखों से ज्यादा बुलंद हौसलों की जरूरत होती है।

इस चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कुल 13 मतदान केंद्र बनाए गए थे। आंकड़ों के अनुसार, इस चुनाव में करीब 22 हजार पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। चुनाव की निष्पक्षता और शांति बनाए रखने के लिए 65 मतपेटियों और पांच अलग-अलग रंगों के मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया है, जो इस चुनाव की भव्यता को दर्शाते हैं।

कुल 133 उम्मीदवार इस बार विभिन्न पदों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें अध्यक्ष पद के लिए 9, उपाध्यक्ष पद के लिए 7 और मानद सचिव के लिए 3 प्रत्याशी चुनावी दौड़ में शामिल हैं। वहीं, कैबिनेट सदस्य और एएमयू कोर्ट के सदस्यों के लिए भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। सभी उम्मीदवारों की निगाहें अब शाम को शुरू होने वाली मतगणना और चुनावी नतीजों पर टिकी हुई हैं।

एएमयू छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए छात्रों ने करीब 19 दिनों तक लंबा संघर्ष और भूख हड़ताल की थी। छात्रों का यह संघर्ष आखिरकार रंग लाया और लंबे समय बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया एक बार फिर कैंपस में बहाल हुई है। मोहम्मद अहमद खान जैसे उत्साही छात्रों की मौजूदगी इस चुनाव को और भी अधिक प्रेरणादायक बनाती है, जो यह संदेश देता है कि शिक्षा और राजनीति में भागीदारी के लिए कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें