Home » देश-विदेश » अमेरिका के ओहियो में बड़ा उलटफेर, विवेक रामास्वामी को गवर्नर चुनाव में मिली हार, 20 साल बाद डेमोक्रेट्स की हुई वापसी

अमेरिका के ओहियो में बड़ा उलटफेर, विवेक रामास्वामी को गवर्नर चुनाव में मिली हार, 20 साल बाद डेमोक्रेट्स की हुई वापसी

Facebook
X
WhatsApp

अमेरिका के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ओहियो राज्य के गवर्नर पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें चुनावी मैदान में मात देते हुए इस पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस हार के साथ ही रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि जिस राज्य में डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में आसानी से जीत हासिल की थी, उसी राज्य में उनकी पार्टी को गवर्नरी की रेस में शिकस्त मिली है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

इस रोमांचक मुकाबले में डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन ने बाजी मारते हुए ओहियो की पहली महिला गवर्नर बनने का गौरव हासिल किया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम आंकड़ों के अनुसार, एमी एक्टन को लगभग 51 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी विवेक रामास्वामी को 46 प्रतिशत वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इस जीत के साथ ही डेमोक्रेटिक पार्टी ने ओहियो में दो दशक यानी पूरे 20 साल बाद गवर्नर पद पर कब्जा जमाया है। इससे पहले साल 2006 में इस पार्टी ने यहां जीत हासिल की थी, जिसके बाद से लगातार रिपब्लिकन या अन्य का प्रभाव रहा था।

इस हाई-प्रोफाइल चुनाव में विवेक रामास्वामी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का खुला समर्थन प्राप्त था। ट्रंप और वेंस ने अपनी पूरी ताकत रामास्वामी के प्रचार में झोंक दी थी और रैलियों के जरिए जनता से उनके पक्ष में मतदान करने की जोरदार अपील की थी। इसके बावजूद चुनावी नतीजे पूरी तरह उलट रहे और ट्रंप समर्थित उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम रिपब्लिकन पार्टी के लिए आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों को लेकर एक बड़ी चेतावनी है।

चुनाव में हार मिलने के बाद विवेक रामास्वामी ने बेहद परिपक्वता दिखाते हुए नतीजों को स्वीकार किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से डेमोक्रेट विजेता एमी एक्टन को फोन करके जीत की बधाई दी और अपनी हार स्वीकार की। अपने संबोधन में उन्होंने अपने समर्थकों, परिवार और अपनी प्रचार टीम का आभार व्यक्त किया। रामास्वामी ने स्पष्ट किया कि भले ही वह यह चुनाव हार गए हैं, लेकिन वह भविष्य में भी विभिन्न माध्यमों से ओहियो और वहां की जनता की सेवा करना जारी रखेंगे।

41 वर्षीय विवेक रामास्वामी ने इस चुनावी अभियान के दौरान टैक्स कम करने, सरकारी खर्च में कटौती करने और प्रशासनिक नियमों को सरल बनाने जैसे मुद्दों पर जोर दिया था। सिनसिनाटी में जन्मे और भारतीय प्रवासियों के बेटे रामास्वामी ने इस चुनाव में अपनी ओर से भी भारी निवेश किया था। हालांकि, एमी एक्टन के ‘किफायती जीवन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं’ के एजेंडे ने स्थानीय मतदाताओं को अधिक आकर्षित किया। इस हार के बावजूद भारतीय मूल के इस युवा नेता ने अमेरिकी राजनीति में अपनी एक मजबूत और अमिट छाप जरूर छोड़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें