Barabanki News : जनपद के प्रसिद्ध देवा शरीफ परिसर को लेकर एक बार फिर ऐतिहासिक दावे और जांच की मांग सामने आई है। कुछ स्थानीय नागरिकों एवं एक संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित प्रार्थना पत्र भेजकर परिसर की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और विधिक जांच कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि देवा शरीफ मस्जिद परिसर पूर्वकाल में भगवान महादेव के मंदिर के रूप में स्थापित था। पत्र में कहा गया है कि इस संबंध में क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और मत प्रचलित हैं, जिससे जनमानस में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसी परिस्थिति में सक्षम प्राधिकरण अथवा पुरातत्व विभाग से निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराए जाने की आवश्यकता बताई गई है।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि जांच पारदर्शी तरीके से कराई जाती है तो इससे तथ्य स्पष्ट होंगे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहायता मिलेगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस मामले में न्यायसंगत एवं पारदर्शी निर्णय सुनिश्चित किया जाए।
महाराणा प्रताप सेना द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक अभियानों का हवाला देते हुए इसे उसी क्रम की एक पहल बताया गया है। ज्ञापन में 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने की अपेक्षा जताई गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर न्यायालय की शरण ली जा सकती है।देवा शरीफ परिसर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इस प्रकार की मांग को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।हालांकि, इस संबंध में जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।










