Mathura News: भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों की ओर उमड़ पड़े। पूरे शहर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।
मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व होता है। इसी क्रम में श्रद्धालुओं ने माता शैलपुत्री के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। मथुरा के प्रसिद्ध कात्यायनी शक्तिपीठ सहित अन्य देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ बनी रही। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों और भजन-कीर्तन की ध्वनि से गूंजता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
नवरात्रि के पहले दिन महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने समान रूप से बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मंदिरों में पहुंचे और माता रानी की पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने अपने घरों में कलश स्थापना कर नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा करने का संकल्प भी लिया। मंदिरों में प्रसाद और नारियल अर्पित कर भक्तों ने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन की सख्त व्यवस्था
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मंदिरों के बाहर और आसपास विशेष इंतजाम किए। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिरों के प्रवेश और निकास मार्ग पर भी उचित प्रबंधन किया गया, जिससे भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।
मथुरा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी मंदिरों में पहुंचे। कई परिवार सुबह-सुबह ही दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंच गए, जिससे पूरे दिन मंदिर परिसर में रौनक बनी रही। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से प्रारंभ होकर नौ दिनों तक चलेंगे। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत रखकर माता की आराधना करते हैं और अपने परिवार की खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति की कामना करते हैं।
मथुरा में नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्ति और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है, जो आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ने की संभावना है।
Author: Shivam Verma
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