UP News: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने सड़क पर नमाज को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया है। रशीदी ने कहा कि सड़क नापाक जगह होती है, इसलिए वहां नमाज अदा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने इस्लाम के सिद्धांतों का हवाला देते हुए शिफ्ट में नमाज पढ़ने को जायज बताया।
सीएम योगी के बयान का समर्थन
एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सड़क पर नमाज न पढ़ने संबंधी बयान पूरी तरह सही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भी नमाज शिफ्ट में पढ़ी गई थी और इस्लाम में इसकी अनुमति है।
रशीदी ने कहा, “योगी जी का बयान बिल्कुल सही है। हमने कोरोना काल में भी नमाजे शिफ्ट में पढ़ी है। उन्हें पता है कि शिफ्ट में नमाज हो सकती है, इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया है। पूरे देश और प्रदेश में किसी मौलवी ने उनका खंडन नहीं किया। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे कांग्रेस-सपा से जुड़े लोग हैं।”
“सड़क पाक जगह नहीं हो सकती”
मौलाना रशीदी ने इस्लाम के दो बुनियादी सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए सड़क पर नमाज पढ़ने को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम के अनुसार नमाज केवल पाक स्थान पर ही पढ़ी जा सकती है। उन्होंने कहा, “सड़क पाक नहीं हो सकती है। वहां लोग और जानवर चलते हैं, लोग थूकते हैं और पेशाब भी करते हैं। ऐसी जगह पर नमाज कैसे हो सकती है।”
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लाम यह भी सिखाता है कि किसी दूसरे व्यक्ति को तकलीफ पहुंचाना गलत है। रशीदी के मुताबिक, सड़क पर नमाज पढ़ने से जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है और कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती है।
मुसलमानों की शिक्षा को लेकर भी दिया बयान
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि पहले के वर्षों में बड़ी संख्या में मुसलमान अपराधों में शामिल थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और समुदाय शिक्षा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वहां बड़ी संख्या में लोग अपराध गतिविधियों में शामिल थे।
उन्होंने कहा, “कुछ साल पहले तक मुसलमान गोली भी चलाता था, डकैत भी था। कैराना का पूरा क्षेत्र इसी में लगा था। आज मुसलमानों ने समझ लिया है कि सही जिंदगी का रास्ता शिक्षा है।” रशीदी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण समाज में कई बुराइयां बढ़ीं और शिक्षा से दूरी बनी रही। उनके मुताबिक अब गरीब मजदूर तबके के लोग भी अपने बच्चों को पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
बुलडोजर कार्रवाई पर क्या बोले रशीदी
मौलाना साजिद रशीदी ने बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि कार्रवाई उन्हीं लोगों के खिलाफ होती है जो अपराध में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत काम नहीं करेगा तो उसके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा, “जब मैं रेप, चोरी, डकैती या बदमाशी में नहीं पकड़ा जाऊंगा तो बुलडोजर क्यों चलेगा। बुलडोजर उसी पर चलता है जो गलती करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि पहले राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अपराधियों को संरक्षण मिल जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। रशीदी के मुताबिक, मुसलमानों के हित इसी में हैं कि वे शिक्षा और सही रास्ते को अपनाएं।
सपा पर भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी को लेकर पूछे गए सवाल पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि ऐसी राजनीति से मुसलमानों को नुकसान होता है, जिसमें उन्हें सड़क पर उतरने के लिए उकसाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होते हैं और कार्रवाई होती है।
रशीदी ने कहा, “हमें ऐसी पार्टी नहीं चाहिए जिसका मकसद यह हो कि मुसलमान सड़क पर नमाज पढ़ने उतरें, उनकी पिटाई हो, मुकदमे लगें और घर टूटें। अखिलेश यादव किसी का घर नहीं बनवा देंगे। आजम खान को भी नहीं बचा पाए।”
Author: Shivam Verma
Description










