Bareilly News: उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बरेली में सोमवार को बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन-ACO) की टीम ने खनन विभाग में तैनात एक लिपिक को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी महमूद रजा खां खनन अधिकारी कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत है। उस पर आरोप है कि उसने एक शिकायतकर्ता से काम कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता वेद प्रकाश, निवासी ग्राम रौठा थाना किला, ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि उनकी सीज की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने और संबंधित पत्रावली को जिलाधिकारी कार्यालय भेजने के एवज में आरोपी 10,000 रुपये की मांग कर रहा है।
ट्रैप लगाकर रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच शुरू की और ट्रैप की योजना बनाई। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सोमवार दोपहर करीब 12:52 बजे खनन विभाग कार्यालय में जाल बिछाया।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी से पूछताछ जारी, मुकदमा दर्ज की तैयारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ थाना कोतवाली बरेली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत दें, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
Author: Shivam Verma
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