UP News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई बड़े और अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में शिक्षा, परिवहन, उद्योग और युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिससे प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जो विभिन्न क्षेत्रों के विकास को गति देंगे।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में सबसे अहम फैसला शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को लेकर लिया गया। लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया है। यह बढ़ी हुई राशि 1 मई से लागू होगी।
इसी तरह अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। उनका मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है। दोनों ही वर्गों को 8 हजार रुपये की सीधी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार 1 मई से यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
बस अड्डों को मिलेगा एयरपोर्ट जैसा आधुनिक स्वरूप
परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने पीपीपी मॉडल के तहत 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिल सके।
इस योजना से प्रदेश के 52 जिलों को सीधा फायदा होगा और सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सरकार पहले ही 23 बस अड्डों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, अब 49 नए बस अड्डों की मंजूरी से यह परियोजना और तेज गति से आगे बढ़ेगी।
बस अड्डों के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति
नए बस अड्डों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हाथरस के सिकंदराराऊ में बस अड्डे के लिए कृषि विभाग की 2 हेक्टेयर जमीन निःशुल्क देने पर सहमति बनी है।
इसके अलावा बुलंदशहर के डिबाई में सिंचाई विभाग और बलरामपुर के तुलसीपुर में पीडब्ल्यूडी की जमीन को बस अड्डों के निर्माण के लिए हस्तांतरित किया जाएगा। इससे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
निवेश और उद्योग को बढ़ावा
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। निवेश से जुड़े कुल 8 प्रस्तावों में से 6 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
शाहजहांपुर में ओएफबी टेक प्राइवेट लिमिटेड 589 करोड़ रुपये के निवेश से एग्रो केमिकल्स का निर्माण करेगी। गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में इंडिया ग्लाइकॉन्स लिमिटेड 669 करोड़ रुपये के निवेश से एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी। वहीं बुंदेलखंड और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में 3805 करोड़ रुपये के निवेश से सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
इसी क्रम में बिसलेरी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड प्रयागराज में 269.31 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। ए.जी.आई. कंपनी हाथरस में यूपीसीडा क्षेत्र में 1128.72 करोड़ रुपये के निवेश से कैन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इसके अलावा इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में 1146 करोड़ रुपये के निवेश से सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी।
युवा सशक्तिकरण योजना को मिली रफ्तार
कैबिनेट बैठक में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत युवाओं को निःशुल्क टैबलेट वितरण के लिए अंतिम बिड को मंजूरी दे दी गई है। सरकार 25 लाख टैबलेट खरीदेगी, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 60 लाख से अधिक स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। इस नए निर्णय से योजना का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
विस्थापित परिवारों को नागरिकता देने की पहल
कैबिनेट बैठक में एक मानवीय पहल के तहत भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में बसे परिवारों को नागरिकता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
इस निर्णय से पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जिलों के हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। लखीमपुर खीरी में 2350 परिवार, पीलीभीत में करीब 4 हजार परिवार, बिजनौर के 18 गांवों में 3856 परिवार और रामपुर के 16 गांवों में 2174 परिवार इस फैसले से प्रभावित होंगे।
Author: Shivam Verma
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