World News: ब्रिटेन की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहम ने सोमवार को औपचारिक रूप से ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद बर्नहम का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा था। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एंडी बर्नहम को हार्दिक बधाई दी है और भारत-ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की इच्छा जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और आधुनिक तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गहरा तालमेल है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही लागू होने वाले सीईटीए (CETA) समझौते से दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते नई ऊंचाइयों को छुएंगे। पीएम मोदी ने साझा विजन 2035 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बर्नहम के साथ मिलकर काम करने पर उत्साह भी जाहिर किया है।
प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले संबोधन में एंडी बर्नहम ने देश में दशकों से चल रही राजनीतिक अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर बोलते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दस वर्षों में ब्रिटेन को छह प्रधानमंत्री मिले हैं, जिससे जनता का व्यवस्था से भरोसा डिगा है। उन्होंने अपनी सरकार को एक सर्किट ब्रेकर करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में देश की प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन लाना है।
बर्नहम ने सत्ता के विकेंद्रीकरण और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया है। उन्होंने 1980 के दशक की आर्थिक नीतियों को दोष देते हुए कहा कि सत्ता का केंद्रीकरण और सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण ने देश के कई इलाकों को पिछड़ा बना दिया है। उनकी सरकार का मुख्य फोकस अब महंगाई से राहत दिलाने, सरकारी सेवाओं को फिर से मजबूत करने और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बर्नहम का यह कार्यकाल ब्रिटेन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। उन्हें न केवल रिफॉर्म यूके जैसी उभरती पार्टियों के बढ़ते जनाधार को रोकना है, बल्कि जनता के बीच टूट चुके विश्वास को भी बहाल करना है। लेबर पार्टी की ओर से उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद, अब पूरी दुनिया की नजरें उनके द्वारा लिए जाने वाले आर्थिक निर्णयों पर टिकी हैं, जिनकी घोषणा मंगलवार से होने की उम्मीद है।
Author: Shivam Verma
Description










