Delhi CJP Protest: दिल्ली में सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हुई हिंसा और बवाल के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल पांच एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। कनॉट प्लेस और संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशनों में दर्ज इन मामलों में पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा डालने और बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है और आने वाले समय में और भी एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं।
संसद भवन के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच विपक्ष ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने युवाओं के संघर्ष पर बात करते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों और गरीबों के प्रति असंवेदनशील है। वहीं, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को नजरअंदाज करती रही, तो आंदोलन और तेज होगा।
दूसरी तरफ, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर डॉक्टरों ने गंभीर चिंता जताई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वांगचुक का ब्लड शुगर और पोटैशियम लेवल लगातार कम बना हुआ है। उन्हें एनीमिया और पैनसाइटोपेनिया जैसी समस्याएं भी हैं। बावजूद इसके, सोनम वांगचुक ने किसी भी तरह के इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड या ग्लूकोज लेने से इनकार कर दिया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है ताकि किसी भी बड़ी जटिलता को समय रहते रोका जा सके।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल के बिस्तर से ही अपना अनशन जारी रखने का दृढ़ संकल्प दोहराया है। उनका कहना है कि जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या उनकी मांगों पर शिक्षा मंत्री जवाबदेही तय नहीं करते, तब तक वे उपवास खत्म नहीं करेंगे। उनकी स्थिति को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट भी इस मामले की सुनवाई कर रहा है, जहां उनकी पत्नी की याचिका पर उन्हें किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की जांच में हिंसा की साजिश को लेकर कई अहम सबूत सामने आए हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि संसद सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की कोई घटना दोबारा न हो। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के बाद से ही दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
Author: Shivam Verma
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