NEET UG 2026: नीट यूजी 2026 परीक्षा के नतीजों और उसके बाद हुई प्रक्रिया को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में कर्नाटक की एक नीट अभ्यर्थी बिंदुश्री जगदीश पवार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिंदुश्री का कहना है कि उन्हें जो ओएमआर (OMR) शीट दी गई है, वह उनकी नहीं है। इस दावे ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर एक बार फिर से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित छात्रा बिंदुश्री ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्होंने नीट यूजी री-एग्जाम के दौरान कुल 180 में से 165 सवालों के जवाब हल किए थे। उनके अनुसार, इन जवाबों के आधार पर उनका स्कोर 668 तक पहुंचना चाहिए था। हालांकि, जब रिजल्ट और ओएमआर शीट जारी की गई, तो उसमें उन्हें केवल 41 सवाल हल किए हुए दिखाए गए, जिसके चलते उनका स्कोर नेगेटिव 11 पहुंच गया है।
बिंदुश्री का स्पष्ट रूप से कहना है कि उन्हें किसी अन्य परीक्षार्थी की ओएमआर शीट थमा दी गई है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें उनकी वास्तविक ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जाए ताकि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है और छात्र लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा को लेकर पहले भी कई छात्र इसी तरह की शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। हालांकि, एनटीए ने अपने स्पष्टीकरण में कई मामलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि एआई (AI) तकनीक की मदद से ओएमआर शीट का मूल्यांकन पूरी तरह से सटीक है। एजेंसी ने कुछ मामलों में मानवीय त्रुटि या दावों को गलत भी बताया है, लेकिन बिंदुश्री जैसे छात्रों का कहना है कि उनकी आपत्तियों पर गौर नहीं किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय में हाल ही में हुए बड़े बदलावों के बाद छात्र उम्मीद कर रहे हैं कि नीट परीक्षा से जुड़ी इन विसंगतियों का जल्द ही समाधान निकलेगा। देश भर के मेडिकल एस्पिरेंट्स एक पारदर्शी और त्रुटिहीन परीक्षा प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बिंदुश्री द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर एनटीए की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और क्या उन्हें न्याय मिल पाता है।
Author: Shivam Verma
Description










