Delhi News: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके में बीते दिनों हुए छात्र प्रदर्शन ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इस दौरान सुरक्षा बलों द्वारा पेलेट गन का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान आरएएफ (RAF) के जवानों की ओर से पेलेट राउंड चलाए गए थे, जिससे मौके पर मौजूद कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सीआरपीएफ (CRPF) ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग की ओर से एक विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसमें घटना के दौरान आरएएफ की कार्रवाई और भीड़ को नियंत्रित करने के तरीकों की गहन समीक्षा की जाएगी। हालांकि, सीआरपीएफ ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस घटना पर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
घटनाक्रम पर रोशनी डालते हुए सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान चलाए गए पेलेट राउंड जमीन से टकराकर बिखर गए थे, जिसके कारण प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। सुरक्षा बलों का यह भी कहना है कि इस दौरान करीब 47 आरएएफ जवान भी जख्मी हुए हैं। बल का स्पष्ट मानना है कि किसी भी संवेदनशील ऑपरेशन के बाद घटना का आकलन करना उनकी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अनिवार्य हिस्सा है, जिसे पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस घटना पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में घायल छात्रों और पत्रकारों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर घातक हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच यह असेसमेंट रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन का उपयोग किस परिस्थिति में किया गया था और क्या बल प्रयोग के नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
Author: Shivam Verma
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