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Mirabai Chanu का संघर्ष: गोल्ड जीतने के लिए दो दिन तक नहीं खाया खाना, सुनाई अपनी आपबीती

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Mirabai Chanu Gold Medal: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। महिलाओं के 48 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी सफलता का डंका बजाया है। यह जीत न केवल व्यक्तिगत रूप से उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का क्षण है। मीराबाई ने साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत और अनुशासन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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हालांकि, इस चमकते हुए स्वर्ण पदक के पीछे मीराबाई का एक ऐसा संघर्ष छिपा है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान अपने वजन को नियंत्रित रखने के लिए उन्होंने पिछले 48 घंटों से अन्न और जल का त्याग कर रखा था। स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब वह मीडिया के सामने आईं, तो उनकी थकान और भूख उनके चेहरे पर स्पष्ट देखी जा सकती थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने दो दिनों से कुछ नहीं खाया है।

मैच के दौरान भी मीराबाई को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में वह स्नेच के अपने पहले प्रयास में चूक गईं, लेकिन एक चैंपियन की तरह उन्होंने खुद को संभाला। अगले प्रयासों में उन्होंने बेहतरीन वापसी करते हुए 85 किग्रा और 105 किग्रा का भार उठाकर कुल 190 किग्रा के वजन के साथ नया राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड कायम किया। उनकी यह जीवटता ही थी जिसने उन्हें लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड चैंपियन बनाया।

जीत के बाद पोडियम पर राष्ट्रगान के समय मीराबाई चानू की आंखों में आंसू आ गए थे। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय अपने कोच विजय शर्मा और अपनी मां को दिया, जो उनके कठिन समय में चट्टान की तरह उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि देश और परिवार की उम्मीदों का दबाव काफी ज्यादा था, लेकिन तिरंगे को ऊंचा लहराने की खुशी ने उनके सारे शारीरिक कष्ट को दूर कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मीराबाई चानू की इस अद्भुत उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार गोल्ड जीतना और कुल चार मेडल अपने नाम करना उनकी अटूट मेहनत का परिणाम है। मीराबाई का यह संघर्ष केवल एक एथलीट के तौर पर नहीं, बल्कि एक प्रेरणा के रूप में लाखों युवाओं के लिए मिसाल बन गया है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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