Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है, जिससे देश भर के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल बना हुआ है। हाल ही में महिलाओं की ऐतिहासिक सफलता के बाद, कंपाउंड मिक्स्ड तीरंदाजी टीम ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही भारतीय तीरंदाजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान एक बार फिर से बहुत ऊंचा कर दिया है।
रोमांच से भरपूर इस फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव का सामना मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम से हुआ। मैच की शुरुआत से ही भारतीय निशानेबाजों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए बेहतरीन और सटीक निशाने साधे। शुरुआती दौर में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए कोरियाई टीम पर बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे मुकाबले का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया था।
निर्धारित सेटों की समाप्ति के बाद भारत और दक्षिण कोरिया दोनों का स्कोर 157-157 की बराबरी पर छूट गया, जिसके बाद विजेता का फैसला करने के लिए मुकाबला रोमांचक ‘शूट-ऑफ’ में चला गया। इस बेहद दबाव वाले और तनावपूर्ण पल में भी भारतीय तीरंदाजों ने गजब का मानसिक संयम और एकाग्रता दिखाई। उन्होंने अचूक निशाने लगाते हुए इस कड़े मुकाबले को अपने नाम किया और टूर्नामेंट का 8वां गोल्ड मेडल देश के नाम कर दिया।
इस फाइनल मुकाबले तक पहुंचने का सफर भी काफी संघर्षपूर्ण और रोमांचक रहा था। सेमीफाइनल मैच में चिकिथा तनिपर्थी और साहिल राजेश जाधव की इस जोड़ी ने थाईलैंड के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल की थी। उस मुकाबले में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आखिरी पलों तक हार नहीं मानी और बेहतरीन निशानेबाजी के दम पर 156-155 के करीबी अंतर से मैच जीतकर फाइनल का टिकट पक्का किया था।
इस शानदार स्वर्ण पदक की जीत से न सिर्फ देश का मेडल टैली मजबूत हुआ है, बल्कि आने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भी भारत की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि तीरंदाजी में मिल रही यह लगातार सफलताएं युवा खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने के वास्ते और अधिक प्रेरित करेंगी।










