असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए एक बड़ा बयान दिया है। गांधी जयंती के खास मौके पर उन्होंने राज्य की पंचायतों को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए वित्त आयोग ने असम की पंचायतों को बड़े पैमाने पर फंड जारी किया है।
अपने आधिकारिक संदेश में मुख्यमंत्री सरमा ने महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन और विकास की योजनाएं समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसी कड़ी में वित्त आयोग द्वारा असम की पंचायतों को 525 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है, जिससे जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को तेज गति मिलेगी।
राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने की उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से राज्य में रोजगार सृजन, ग्रामीण आवास, आजीविका के साधन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन फंड्स के आने से ग्राम पंचायत स्तर पर विकेंद्रीकृत योजनाएं बनाने में और अधिक आसानी होगी।
असम आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार भी वित्त आयोग की इन ग्रांट्स ने गांवों की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक गांव और पंचायतें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर नहीं बनतीं, तब तक समग्र राज्य का विकास संभव नहीं है। सरकार भविष्य में भी गांधी जी के आदर्शों पर चलते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।










