Azamgarh News: जनपद आजमगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में जनमानस की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से एक व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम क्रॉस बेको वेलो पब्लिक स्कूल, आजमगढ़ में संपन्न हुआ, जिसमें ट्रैफिक पुलिस, अग्निशमन विभाग, मिशन शक्ति और साइबर क्राइम की संयुक्त टीम ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को विभिन्न सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को संभावित खतरों और आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति सतर्क एवं तैयार करना था। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय संयम और समझदारी से काम लेना आवश्यक है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यह सिखाया गया कि संकट की स्थिति में किस प्रकार त्वरित और सही निर्णय लेकर स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
यातायात शाखा से टीएसआई जयशंकर सिंह ने सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद का ‘गोल्डन ऑवर’ घायल व्यक्ति के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान छात्रों को दुर्घटना पीड़ितों की समय रहते सहायता करने के महत्व से अवगत कराया गया।
अग्निशमन विभाग द्वारा जीवंत प्रदर्शन
अग्निशमन विभाग की टीम ने आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों का सजीव प्रदर्शन किया। गैस सिलेंडर में आग लगने पर उसे नियंत्रित करने की प्रक्रिया समझाई गई तथा बहुमंजिला भवनों से लोगों को सुरक्षित निकालने की रेस्क्यू तकनीक का अभ्यास कराया गया। प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों को आग से संबंधित आपदाओं में सतर्कता और प्राथमिक कदमों की जानकारी दी गई।
मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा दल ने छात्राओं को ‘वूमेन पावर लाइन 1090’ सहित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही आत्मरक्षा के उपायों पर जागरूक करते हुए बताया गया कि किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में तत्काल सहायता लेना आवश्यक है।
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
साइबर क्राइम टीम के विशेषज्ञों ने डिजिटल फ्रॉड, ओटीपी स्कैम और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ‘साइबर हेल्पलाइन 1930’ के महत्व पर विशेष बल देते हुए छात्रों को सतर्क रहने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की संयुक्त मॉक ड्रिल से न केवल पुलिस और संबंधित विभागों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है, बल्कि आमजन में सुरक्षा के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को कम करना प्राथमिकता है, जिससे किसी भी संकट की स्थिति में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर यातायात शाखा से उपनिरीक्षक जयशंकर सिंह, कांस्टेबल टीपी रत्नेश यादव, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन से उपनिरीक्षक आशीष शुक्ला, महिला कांस्टेबल शिखा तिवारी (मिशन शक्ति), अग्निशमन विभाग से कांस्टेबल फायरमैन नीरज कुमार दूबे, कांस्टेबल फायरमैन श्रवण, थाना मुबारकपुर/लोहरा चौकी से उपनिरीक्षक शमशाद खाँ, हेड कांस्टेबल अरविंद सिंह यादव, कांस्टेबल सर्वेश चौरसिया तथा थाना मुबारकपुर से कांस्टेबल रोहित उपाध्याय एवं महिला कांस्टेबल शिवानी सिंह उपस्थित रहे।
Author: Shivam Verma
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