Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद सिंचाई विभाग के जिलेदार राजेश चौहान को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान भूपेंद्र सिंह पुत्र जगदीश सिंह, निवासी नवादा, बुलंदशहर और उनकी पत्नी ने वर्ष 2011-2012 के दौरान ग्राम महरौली, गाजियाबाद में भूमि खाता संख्या 594 के आंशिक हिस्से में कुल नौ बैनामों के माध्यम से 531.71 वर्ग गज भूमि खरीदी थी। इस भूमि का दाखिल-खारिज राजस्व अभिलेखों में विधिवत कराया गया था।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, संबंधित भूमि की चौहद्दी में पूर्व दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-24 और पश्चिम दिशा में रजवाहा दर्ज है, जो भूमि की स्थिति को स्पष्ट करता है।
आरोप क्या हैं?
पीड़ित का आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को जिलेदार राजेश चौहान ने बिना किसी नोटिस या पूर्व सूचना के उनकी जमीन को सिंचाई विभाग की संपत्ति बताते हुए बाउंड्री वॉल पर बुलडोजर चलवा दिया और दीवार को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान पीड़ित को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।
इसके बाद आरोप है कि अधिकारी ने मामले को दबाने और भूमि को सिंचाई विभाग की संपत्ति न बताने के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में यह रकम घटाकर 2 लाख रुपये तय कर दी गई।
विजिलेंस की कार्रवाई
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत मेरठ विजिलेंस टीम से की। शिकायत की जांच और पुष्टि के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। सोमवार को जब जिलेदार राजेश चौहान सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में रिश्वत की 2 लाख रुपये की रकम लेने पहुंचे, उसी दौरान विजिलेंस मेरठ की टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Author: Shivam Verma
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