Delhi News: दिल्ली की राजनीति में इन दिनों ओखला विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे एक बड़ी साजिश करार दिया है। विधायक का आरोप है कि इस प्रक्रिया की आड़ में ओखला के करीब 1 से 1.5 लाख मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटाए जा रहे हैं।
अमानतुल्लाह खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी बात रखते हुए दावा किया कि क्षेत्र के उन मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है जो उनके राजनीतिक समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के आवेदन फॉर्म को अधिकारी जानबूझकर स्वीकार नहीं कर रहे हैं, जिससे आगामी चुनावों में उन्हें मतदान से वंचित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
विधायक ने इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों और बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कई BLO न तो अपने निर्धारित केंद्रों पर मौजूद रहते हैं और न ही लोगों के फोन कॉल का उत्तर देते हैं। इससे आम जनता को अपने नाम जुड़वाने या सुधार करवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अमानतुल्लाह खान ने चुनाव आयोग के सामने एक चुनौती भी पेश की है। उन्होंने कहा कि उनके पास उन लोगों की एक विस्तृत सूची है जिनके नाम काटे गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती दी है कि वे यह साबित करें कि ये सभी लोग या तो क्षेत्र से कहीं और शिफ्ट हो गए हैं या फिर उनकी मृत्यु हो गई है। विधायक ने स्पष्ट किया कि गलत तरीके से हटाए गए सभी नामों को पुनः सूची में जोड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
विधायक ने यह भी घोषणा की है कि वे इस मामले में पूरी जानकारी और साक्ष्यों के साथ चुनाव आयोग को अवगत कराएंगे। उनका कहना है कि वे इस मुद्दे को तब तक उठाते रहेंगे जब तक कि ओखला के निवासियों को न्याय नहीं मिल जाता। फिलहाल इस पूरे विवाद ने दिल्ली के स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और सबकी निगाहें अब चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।
Author: Shivam Verma
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