World News: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने हाल ही में बगदाद का महत्वपूर्ण दौरा किया, जहां उन्होंने इराक के राष्ट्रपति निजार अमेदी और प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और ईरान-अमेरिका के बीच हुए हालिया समझौता ज्ञापन पर विस्तार से चर्चा करना था। अराघची की इस कूटनीतिक पहल को मिडिल ईस्ट में स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इराक के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई इन बैठकों के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति पर विशेष जोर दिया गया। इराकी राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि क्षेत्र में जारी उठापटक को खत्म करने के लिए आपसी बातचीत ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इराक हमेशा से संघर्षों को टालने और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं का हल निकालने का समर्थक रहा है, जिससे पड़ोसी देशों के बीच विकास और आर्थिक खुशहाली के नए रास्ते खुल सकें।
अराघची ने भी इस वार्ता को सकारात्मक बताते हुए संकट प्रबंधन में इराक की मध्यस्थता की जमकर सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने अरब पड़ोसियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए तेहरान और बगदाद के बीच लगातार तालमेल और समन्वय बना रहना बहुत जरूरी है, ताकि किसी भी बाहरी तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।
गौरतलब है कि यह बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य आदान-प्रदान को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के बाद दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब दोनों देशों ने पीछे हटने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तनाव को थामने के लिए अमेरिका और ईरान अब कतर की राजधानी दोहा में तकनीकी बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं। इस बातचीत का मुख्य मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवादों पर चर्चा करना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि यह पहल क्षेत्र में शांति बहाली में प्रभावी साबित होगी।
Author: Shivam Verma
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