Jaspal Rana: भारतीय शूटिंग जगत के लिए जून का महीना बेहद दुखद रहा है। महान निशानेबाज जसपाल राणा के परिवार से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जसपाल राणा की मां श्यामा देवी का निधन हो गया है। सबसे दुखद बात यह है कि उन्होंने उसी दिन दुनिया को अलविदा कहा, जिस दिन उनके बेटे का 50वां जन्मदिन था। परिवार के लिए यह संयोग किसी बड़े सदमे से कम नहीं है, क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने होनहार बेटे को खोया था।
जसपाल राणा, जो कि भारत के एक दिग्गज शूटर थे, का 12 जून को दिल का दौरा पड़ने से असामयिक निधन हो गया था। इस खबर ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया था। पिता नारायण सिंह राणा पहले से ही अपने जवान बेटे को खोने के गम में डूबे थे, लेकिन अब मां श्यामा देवी के निधन ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। काफी समय से बीमार चल रहीं श्यामा देवी का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां रविवार, 28 जून को उन्होंने अंतिम सांस ली।
इस दुखद अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं जाहिर कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि नारायण सिंह राणा जी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है, और पूरा देश इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।
बता दें कि जसपाल राणा ने न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में देश का नाम रोशन किया था, बल्कि कोचिंग के क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय था। पेरिस ओलंपिक में भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के कोच के रूप में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनके मार्गदर्शन में ही मनु ने ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था।
जसपाल राणा का करियर उपलब्धियों से भरा रहा। साल 2006 के दोहा एशियाई खेलों में तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतना उनके करियर का सबसे यादगार पल माना जाता है। उनके निधन के बाद, अब उनकी मां का जाना भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद भावुक कर देने वाला पल है। पूरा देश इस समय राणा परिवार के साथ अपनी सहानुभूति व्यक्त कर रहा है।
Author: Shivam Verma
Description










