राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के कई इलाकों में शुक्रवार दोपहर अचानक से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान लोगों को उस समय बड़ी राहत मिली, जब आसमान में अचानक काले घने बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक हुई इस झमाझम ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सबसे ज्यादा असर हापुड़ जिले में देखने को मिला। यहां दोपहर होते-होते अचानक से माहौल बदल गया और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश का यह दौर ओलावृष्टि में बदल गया, जिससे शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी सफेद बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े जमीन पर बिखर गए।
हापुड़ के अलावा सिंभावली और बाबूगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में भी ओले गिरने की पुष्ट सूचना मिली है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक मुदाफरा, हरनाथपुर कोटा, सरावनी, गोहरा आलमगीरपुर, धनवाली उर्फ अटा, मुक्तेश्वर, मतनोरा, छतनोरा, औरंगाबाद और बहरामपुर बाढ़ली समेत तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में जोरदार ओले पड़े। अचानक हुई इस प्राकृतिक गतिविधि से किसानों की चिंताएं थोड़ी बढ़ गई हैं।
दूसरी तरफ गाजियाबाद में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। यहां जीटी रोड और आसपास के मुख्य मार्गों पर तेज आंधी और ठंडी हवाओं का दौर चला। हालांकि इससे राहगीरों और वाहन चालकों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे आम नागरिकों को इस सुहाने मौसम ने काफी सुकून पहुंचाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेमौसम हुई इस बारिश और ओलावृष्टि का सीधा असर खेतों में तैयार खड़ी फसलों और विशेषकर धान की कटाई पर पड़ सकता है। खेतों में पानी भर जाने से किसानों को अपनी फसल सुरक्षित बाहर निकालने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अन्नदाताओं के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।











