World News: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान हुई सनसनीखेज घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सूझबूझ न दिखाई जाती, तो यह मामला साल 2001 के 9/11 हमले जैसी किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय आपदा में बदल सकता था। संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव आ रही इस फ्लाइट में उड़ान के दौरान सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकट खड़ा हो गया था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस फ्लाइट के कॉकपिट के भीतर एक पायलट ने अचानक अपने ही सहकर्मी पर धारदार हथियार यानी चाकू से हमला कर दिया था। इस अचानक हुए हमले से विमान का नियंत्रण बिगड़ गया और वह आसमान से अचानक हजारों फीट नीचे की तरफ गोता लगाने लगा। हालांकि, इस घातक स्थिति के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और अन्य क्रू मेंबरों ने असाधारण बहादुरी का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की।
नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि घायल अवस्था में भी भारतीय पायलट ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे विमान में सवार यात्रियों को अंदर चल रही उथल-पुथल का पता चला। इसके बाद यानिव हयून नामक एक इजरायली यात्री, जो पेशे से प्लंबर हैं, तुरंत अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट में पहुंच गए। उन्होंने स्थिति की नजाकत को समझते हुए विमान के कंट्रोल को संभाला और एक बड़ी दुर्घटना को टालने में अहम भूमिका निभाई।
इस पूरी घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पायलट की सूझबूझ की जमकर तारीफ हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं ने कैप्टन स्मित मच्छार को असली हीरो करार दिया है। वहीं दूसरी तरफ, इस हमले को अंजाम देने वाले आरोपी पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में ले लिया गया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है, ताकि इस खौफनाक साजिश की तह तक पहुंचा जा सके।










