Gorakhpur News: शहर के शाहपुर इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर द्वारा नाबालिग लड़की के साथ पांच साल तक अमानवीय अत्याचार और यौन शोषण का मामला सामने आया है। मजबूरन नौकरानी का काम करने वाली 14 साल की बच्ची आखिरकार चाइल्ड लाइन की शरण में पहुंची, जहां उसने अपने साथ हुए जुल्म की दर्दनाक कहानी बयां की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
भाईयों ने घर से निकाला, प्रॉपर्टी डीलर ने बनाया नौकर
घटना शाहपुर के शक्तिनगर बिछिया चौहान टोला की है। बच्ची गीडा इलाके की रहने वाली है। पांच साल पहले, जब वह महज 9 साल की थी, तभी उसकी मां ने उसे एक रेलकर्मी के घर नौकरानी का काम देने के लिए भेज दिया था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, और मां को चार बच्चों की परवरिश में दिक्कत हो रही थी। दो साल बाद मां की भी मौत हो गई, और भाइयों ने उसे घर से निकाल दिया।
रेलकर्मी के बेटे आशुतोष पांडेय, जो अब प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, ने उसे अपने घर में नौकरानी बना लिया। बच्ची ने बताया कि वह पूरे दिन झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने और घर के सारे काम करती थी। जब आशुतोष की पत्नी घर पर नहीं होती थी, तो वह उसके साथ दुष्कर्म करता था। विरोध करने पर पिटाई भी करता था।
“सोते समय लात मारते थे, रात भर काम करवाते थे”
थक-हारकर एक दिन बच्ची भागकर अपने भाइयों के पास पहुंची, लेकिन उन्होंने उसे वापस घर में नहीं रखा। सड़क पर लावारिस घूमती हुई बच्ची को पुलिस ने देखा और उसे चाइल्ड लाइन पहुंचा दिया। वहां उसने अपना दर्द बयां किया—
“वे मुझसे सारा दिन काम लेते थे। रात को जब मैं सोने जाती, तो लात मारकर जगा देते थे। कई बार मैं भूखी रह जाती थी। जब उनकी पत्नी घर पर नहीं होती थी, तो वे मेरे साथ गलत करते थे। रोने पर पीटते थे।”
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार
चाइल्ड लाइन टीम ने बच्ची की शिकायत पर तुरंत पुलिस को सूचना दी। गोरखनाथ कोतवाली के सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि नाबालिग के बयान के आधार पर आरोपी आशुतोष पांडेय के खिलाफ यौन शोषण और बाल मजदूरी के मामले में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है, लेकिन जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी।
बच्ची को अस्थायी रूप से एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में त्वरित न्याय की मांग की है।











