Hamirpur News: जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए संचालित पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री विजय सिंह ने विकास खंड कुरारा के ग्राम जखेला एवं पचखुरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में सामने आ रही समस्याओं के साथ-साथ पानी के अनधिकृत उपयोग और सार्वजनिक जलापूर्ति संरचनाओं को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति का भी जायजा लिया।
जखेला में करीब 300 ग्रामीणों द्वारा लगाए गए टुल्लू पंप से प्रभावित हो रही जलापूर्ति
ग्राम जखेला में निरीक्षण के दौरान जलापूर्ति पाइपलाइन पर बड़ी संख्या में टुल्लू पंप लगाए जाने की जानकारी सामने आई। करीब 300 लोगों द्वारा पाइपलाइन से सीधे टुल्लू पंप के माध्यम से पानी खींचे जाने के कारण जलापूर्ति का दबाव प्रभावित हो रहा था। इसके चलते पाइपलाइन के अंतिम छोर यानी टेल पर स्थित घरों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा था।
ग्रामीणों द्वारा जलापूर्ति में आ रही समस्या की शिकायत किए जाने के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने के लिए आवश्यक रिपेयरिंग कार्य के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

टुल्लू पंप तत्काल हटाने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी श्री विजय सिंह ने ग्रामीणों को स्पष्ट किया कि जलापूर्ति पाइपलाइन पर सीधे टुल्लू पंप लगाकर पानी खींचना नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि इस तरह पानी खींचे जाने से पूरी जलापूर्ति व्यवस्था का दबाव प्रभावित होता है और पाइपलाइन के अंतिम छोर पर रहने वाले परिवारों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पाता।
उन्होंने ग्रामीणों से निर्धारित नलों के माध्यम से जलापूर्ति का उपयोग करने तथा पाइपलाइन पर लगाए गए अनधिकृत टुल्लू पंप तत्काल हटाने की अपील की।

पचखुरा में क्षतिग्रस्त मिले कई नल
वहीं, ग्राम पचखुरा में निरीक्षण के दौरान चबूतरों पर स्थापित कई नल क्षतिग्रस्त पाए गए। इन क्षतिग्रस्त नलों से लगातार पानी बह रहा था, जिससे बड़ी मात्रा में पेयजल की बर्बादी हो रही थी।
इस पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित लोगों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए गए नल और अन्य उपकरण सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्ति हैं। इन्हें क्षतिग्रस्त करना न केवल पानी की बर्बादी का कारण बनता है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की श्रेणी में भी आता है।
उन्होंने ग्रामीणों को जलापूर्ति से जुड़े नलों और अन्य उपकरणों को सुरक्षित रखने तथा क्षतिग्रस्त नलों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
जलापूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नियमित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल पहुंचाना है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए पाइपलाइन, नल और अन्य जलापूर्ति संरचनाओं की सुरक्षा के साथ पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि अनधिकृत तरीके से टुल्लू पंप लगाकर पानी खींचने अथवा नलों और जलापूर्ति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से अन्य परिवारों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। ऐसे कार्यों से जल जीवन मिशन के उद्देश्य को भी नुकसान पहुंचता है।
नियम विरुद्ध कृत्यों पर होगी आवश्यक कार्रवाई
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से पानी की बर्बादी रोकने, जलापूर्ति व्यवस्था को नुकसान न पहुंचाने और पाइपलाइन के अंतिम छोर तक सभी परिवारों को समान रूप से पेयजल उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल जीवन मिशन की परिसंपत्तियों को क्षति पहुंचाने अथवा जलापूर्ति बाधित करने वाले कृत्यों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Author: Shivam Verma
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