Hamirpur News: सरीला ब्लॉक क्षेत्र के हरसुंडी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव निवासी बाबूराम यादव ने ग्राम विकास अधिकारी पर आवास दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपये देने से इनकार करने और पूर्व में की गई शिकायत से नाराज होकर ग्राम विकास अधिकारी द्वारा उनसे रंजिश रखी जा रही है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
दो साल पहले ढह गया था कच्चा मकान
शिकायतकर्ता बाबूराम के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले उनका कच्चा मकान ढह गया था। मकान गिरने के दौरान मलबे के नीचे दबने से उनकी बकरियों की मौत हो गई थी। इसके बाद से उनका परिवार टूटे मकान के मलबे के साथ-साथ तिरपाल और घास-फूस से बनी अस्थायी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। परिवार के सामने सिर छिपाने का संकट बना हुआ है।

पात्र होने के बावजूद सूची में नाम नहीं होने का दावा
बाबूराम का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र होने के बावजूद उनका नाम आवास की सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी शिवाकांत गुप्ता पर आरोप लगाया कि आवास दिलाने के एवज में उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई।
पूर्व शिकायत को लेकर रंजिश का आरोप
पीड़ित के अनुसार उन्होंने पहले गांव की गौशाला की अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायत की थी। बाबूराम का आरोप है कि इसी शिकायत से नाराज होकर ग्राम विकास अधिकारी शिवाकांत गुप्ता ने कथित तौर पर कहा कि जब तक वह गांव के सचिव हैं, तब तक उन्हें आवास नहीं मिलेगा।
मवेशी चराकर परिवार का कर रहे भरण-पोषण
बाबूराम ने बताया कि वह दूसरों के मवेशी चराकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पक्का मकान नहीं होने के कारण परिवार को बारिश समेत मौसम की मार भी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
पीड़ित ने प्रशासन से पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कराने, जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने और पात्रता के आधार पर जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
रिपोर्ट– प्रतीक तिवारी
Author: Shivam Verma
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