Translate Your Language :

Home » उत्तर प्रदेश » आईएएस रिंकू सिंह का यू-टर्न, इस्तीफा वापस, चुप्पी के बीच फिर चर्चा में मामला

आईएएस रिंकू सिंह का यू-टर्न, इस्तीफा वापस, चुप्पी के बीच फिर चर्चा में मामला

Facebook
X
WhatsApp

IAS Rinku Singh: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में एसडीएम पद पर तैनात रहे आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। यह निर्णय प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस्तीफा वापस लेने की पूरी प्रक्रिया बेहद गोपनीय तरीके से पूरी की गई और इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी बनी हुई है। न तो कोई वरिष्ठ अधिकारी इस पर खुलकर बोल रहा है और न ही रिंकू सिंह ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान दिया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

30 मार्च को वायरल हुआ था इस्तीफा

गौरतलब है कि 30 मार्च को रिंकू सिंह का इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस पत्र में उन्होंने “काम नहीं तो वेतन नहीं” की बात कहते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम काम कर रहा है, जिसके कारण उन्हें काम करने का अवसर नहीं मिल रहा।

अपने पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए यह भी अनुरोध किया था कि उन्हें उनके पूर्व पद, यानी समाज कल्याण अधिकारी के पद पर वापस भेज दिया जाए। यह पत्र सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई थी।

फिलहाल राजस्व परिषद से हैं अटैच

वर्तमान में रिंकू सिंह राजस्व परिषद से अटैच बताए जा रहे हैं। इससे पहले भी वह कई कारणों से चर्चा में रह चुके हैं। शाहजहांपुर में वकीलों के धरने के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक लगाई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

इस घटना के बाद उन्हें एसडीएम पद से हटाकर लखनऊ में अटैच कर दिया गया था। यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल भी उठे थे।

संघर्ष और साहस से भरा रहा करियर

रिंकू सिंह का प्रशासनिक सफर संघर्ष और साहस की मिसाल माना जाता है। उन्होंने वर्ष 2004 में यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी और वर्ष 2023 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस बने।

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वर्ष 2025 में उन्हें शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर नियुक्ति मिली। उनके जीवन में वर्ष 2008 एक बड़ा मोड़ लेकर आया, जब मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की।

इसी दौरान उन पर माफिया द्वारा जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उन्हें कई गोलियां लगीं। हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए थे। लंबे इलाज और कई सर्जरी के बाद करीब दो साल में वह स्वस्थ हो पाए। इस कठिन दौर के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी तैयारी जारी रखी।

अब उनका इस्तीफा वापस लेना एक नए मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और उसमें कार्य करने की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

Description

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें