Maharashtra News: महाराष्ट्र के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस की चार्जशीट ने कई हैरान करने वाले राज से पर्दा उठाया है। पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा वडगांव मावल अदालत में दाखिल की गई 5,053 पन्नों की इस चार्जशीट में दावा किया गया है कि 26 वर्षीय केतन की हत्या की साजिश बेहद शातिर तरीके से रची गई थी। इस खौफनाक प्लान को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने इंटरनेट पर मौत के पुराने मामलों और ट्रैकिंग हादसों की बारीकी से जानकारी जुटाई थी, ताकि इस मर्डर को पूरी तरह से एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
पुलिस जांच के अनुसार, इसी साल 18 जून को केतन अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती दौर में इसे लोहगढ़ किले से नीचे गिरने का एक आम हादसा माना जा रहा था, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से तफ्तीश की तो परतें खुलती चली गईं। जांच एजेंसियों ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ-साथ रितेश हांगे को मुख्य आरोपी बनाया है। पुलिस के मुताबिक, इसी साल 19 फरवरी को केतन और सिया की सगाई हुई थी, लेकिन सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी और वह शादी करना नहीं चाहती थी।
चार्जशीट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने हत्या की प्लानिंग के लिए गूगल और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का जमकर इस्तेमाल किया। उन्होंने इंटरनेट पर ‘लोहागढ़ किला’, ‘किसी को मारने का आसान तरीका’, ‘सोनम केस’, ‘गूगल अकाउंट कैसे डिलीट करें’ और ‘ट्रेकिंग की घटना’ जैसे संदिग्ध कीवर्ड्स सर्च किए थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस के बारे में भी ऑनलाइन जानकारी निकाली थी ताकि सबूत मिटाने के तरीकों को समझा जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस साजिश की नींव रखने के लिए लोहगढ़ किले में पहले हुई एक अन्य घटना का सहारा लिया गया था। सिया को फेसबुक के जरिए साल 2025 में हुई 21 वर्षीय मानसी गोविंदपुरकर की मौत की जानकारी मिली थी, जिसका शव इसी किले की तलहटी से बरामद हुआ था। इसी केस से आइडिया लेते हुए आरोपियों ने तय किया कि केतन को भी किले से धक्का देकर मौत के घाट उतारा जाए ताकि हर किसी को यह एक ट्रेकिंग हादसा ही लगे।
पुलिस ने अपनी चार्जशीट में मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया चैट्स, गवाहों के बयानों और तकनीकी विश्लेषण को पुख्ता सबूत के तौर पर शामिल किया है। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि शुरुआत में आरोपियों ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए किसी कॉन्ट्रैक्ट किलर की तलाश करने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। अदालत में पेश किए गए इन दस्तावेजों से इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी अब पूरी तरह से सुलझती नजर आ रही है।










