Lucknow News: राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, शिकायत बसपा के कैंट विधानसभा अध्यक्ष गंगाराम वर्मा की ओर से दी गई। तहरीर के आधार पर कृष्णा नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिकायत में बताया गया है कि 9 फरवरी को दोपहर करीब 4 बजे आलमबाग स्थित दामोदर नगर में कैंट विधानसभा प्रभारी देवेश कुमार गौतम के आवास पर पार्टी की एक बैठक चल रही थी। इसी दौरान सोशल मीडिया देखते समय संबंधित फेसबुक आईडी से की गई एक पोस्ट पर नजर पड़ी।
‘श्रेया यादव’ नाम की फेसबुक आईडी का जिक्र
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला की फेसबुक आईडी ‘श्रेया यादव’ के नाम से बताई जा रही है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उक्त पोस्ट में मायावती के प्रति अभद्र, आपत्तिजनक और सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा का प्रयोग किया गया था।
शिकायतकर्ता गंगाराम वर्मा ने कहा है कि इस प्रकार की टिप्पणी एक वरिष्ठ नेता के व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाओं को भी आहत करती है। बसपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती ऐसी घटनाएं राजनीतिक वातावरण को प्रभावित कर सकती हैं और दलित-बहुजन समाज में असंतोष की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
डिजिटल साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस
शिकायत मिलते ही कृष्णा नगर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस टीम ने संबंधित फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पोस्ट कब और किन परिस्थितियों में की गई थी।
पुलिस यह भी देख रही है कि क्या उक्त टिप्पणी किसी विशेष वर्ग या समुदाय की भावनाओं को भड़काने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की श्रेणी में आती है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संबंधित फेसबुक अकाउंट की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है और आईडी की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और कानून के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Author: Shivam Verma
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