NIOS Bridge Course Update: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान यानी NIOS के माध्यम से ब्रिज कोर्स पूरा कर रहे सेवारत शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस विशेष कोर्स के तहत अब मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसका सीधा फायदा देश भर के हजारों शिक्षकों को मिलने जा रहा है.
लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, यदि कोई सेवारत शिक्षक मुख्य परीक्षा में किसी वजह से शामिल नहीं हो पाता है या फिर वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. संस्थान की तरफ से ऐसे शिक्षकों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा का बेहतरीन विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे दोबारा परीक्षा देकर अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं.
इस पूरे ब्रिज कोर्स का मूल्यांकन कुल 500 अंकों के आधार पर किया जाएगा. इसमें से 250 अंक थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए तय किए गए हैं, जबकि बाकी के 250 अंक इंटरनल असेसमेंट के लिए रखे गए हैं. खास बात यह है कि इंटरनल असेसमेंट के इन अंकों में शिक्षकों के क्लासरूम टीचिंग अनुभव और स्कूल के कामकाज को भी विशेष महत्व दिया गया है.
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कोर्स के लिए देश भर से भारी संख्या में शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है अकेले उत्तर प्रदेश में ही हजारों शिक्षकों ने इसमें अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई है. शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य इन शिक्षकों की प्रोफेशनल क्षमता और टीचिंग स्किल्स को और अधिक मजबूत करना है ताकि वे प्राथमिक स्तर पर बच्चों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान कर सकें.










