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Prayagraj News: अंतिम दिवस पर अश्रुपूरित विदाई- रामनाम में डूबा सोनौरी, हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुई पावन श्रीराम कथा

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Prayagraj News: यमुनानगर क्षेत्र के ग्राम सभा छतहरा अंतर्गत मौजा सोनौरी में आयोजित श्रीराम कथा का शनिवार को अंतिम दिवस अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कई दिनों से प्रवाहित भक्ति की अविरल धारा शनिवार सायंकाल अपने चरम पर पहुंच गई। श्रद्धालु नम आंखों से प्रभु श्रीराम का स्मरण करते हुए कथा स्थल पर उपस्थित रहे और पूरे परिसर में रामनाम की गूंज सुनाई देती रही।

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अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका पूज्या शास्त्री शाकाम्भरी द्विवेदी ‘मानस मंजरी’ ने अंतिम दिन अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचन में भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और लोककल्याणकारी जीवन का मार्मिक चित्रण किया। उनके श्रीमुख से निकला प्रत्येक शब्द श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करता चला गया। उन्होंने कहा — “रामो विग्रहवान् धर्मः” — अर्थात श्रीराम धर्म के साक्षात स्वरूप हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीराम केवल एक कथा के नायक नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणा हैं।

रामराज्य स्थापना का प्रसंग बना भावनाओं का केंद्र

कथा के विश्राम प्रसंग में जब रामराज्य की स्थापना और धर्म की विजय का वर्णन हुआ, तो पूरा पंडाल “सियावर रामचन्द्र की जय” के उद्घोष से गूंज उठा। अनेक श्रद्धालु भावविभोर होकर अश्रुधारा बहाते नजर आए। वातावरण में ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति व्याप्त थी, मानो स्वयं प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद ग्रामवासियों पर बरस रहा हो।

सायं लगभग सात बजे वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति का आयोजन संपन्न हुआ। “स्वाहा, स्वधा, वषट्कार” के पवित्र उच्चारण के साथ अग्नि में आहुतियां अर्पित की गईं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की गई। हवन की पावन अग्नि और गूंजते मंत्रों ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।

पूर्णाहुति के पश्चात श्रद्धालुओं के मध्य प्रसाद वितरण किया गया। ग्राम सोनौरी में कई दिनों से गूंज रहा रामनाम देर रात तक वातावरण में प्रतिध्वनित होता रहा। कथा के विश्राम के साथ श्रद्धालुओं के मन में एक ओर दिव्य कथा श्रवण का संतोष था, तो दूसरी ओर इस पावन आयोजन के विराम लेने की भावुकता भी स्पष्ट झलक रही थी।

हर श्रद्धालु के मुख से एक ही स्वर सुनाई दे रहा था — “श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन, हरण भवभय दारुणम्।” इसी मंगलगान के साथ श्रीराम कथा का यह भव्य एवं भक्तिमय आयोजन हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर छैल बिहारी दास मानस केसरी, ब्लाक प्रमुख जसरा, अजीत सिंह पप्पू, शिवबाबू प्रजापति, शिवम द्विवेदी, मिलन प्रजापति, महेंद्र बाबू, कृष्ण, अंजनी प्रजापति सहित भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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