Rajasthan News: राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है और इसके पहले चरण के तहत राज्य के 39 जिलों की कुल 162 नगरीय निकायों में आज सुबह से मतदान की प्रक्रिया पूरी ऊर्जा के साथ शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तय किए गए समयानुसार सुबह ठीक सात बजे से मतदान केंद्रों पर वोटर्स की कतारें देखने को मिल रही हैं, जो शाम छह बजे तक निरंतर जारी रहेंगी। इस महत्वपूर्ण चुनावी चरण में प्रदेशभर के शहरी इलाकों में जबरदस्त राजनीतिक सरगर्मी और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
इस बार के पहले चरण के चुनाव में मुख्य रूप से चार बड़े नगर निगम, चौबीस नगर परिषद और एक सौ चौंतीस नगर पालिकाओं को शामिल किया गया है। इन सभी स्थानीय निकायों के कुल 5,393 पार्षद पदों के लिए मैदान में उतरे बीस हजार से ज्यादा प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज इन चुनावों के माध्यम से तय किया जाएगा। चुनाव आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस चरण के सुचारू संचालन के लिए पूरे प्रदेश में 7,683 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस पहले चरण के मतदान में 57 लाख से ज्यादा यानी कुल 57,52,278 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा जैसे अहम नगर निगमों के मतदाता भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा राजधानी जयपुर जिले की बात करें तो यहां की 18 निकायों के लिए कुल 565 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां सुबह से ही लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पहुंच रहे हैं।
जयपुर जिले के अंतर्गत आने वाले चौमूं, शाहपुरा, दूदू, जोबनेर, बस्सी, चाकसू और बगरू समेत तमाम प्रमुख नगर पालिकाओं और परिषदों के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटिंग चल रही है। जिला प्रशासन द्वारा हर एक पोलिंग बूथ पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमले को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
उल्लेखनीय है कि इस चुनाव के दायरे में जयपुर के साथ-साथ अजमेर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, सीकर, पाली, नागौर और बाड़मेर समेत राजस्थान के कुल 39 जिले आ रहे हैं। राज्य के शहरी मतदाता अपने क्षेत्र के विकास की कमान संभालने के लिए जोश के साथ मतदान केंद्रों का रुख कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर एक मजबूत सरकार चुनने के लिए बढ़-चढ़कर लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा बन रहे हैं।
Author: Shivam Verma
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