उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नंदिनी नगर में आयोजित ‘राष्ट्रकथा महोत्सव’ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस आयोजन में भक्ति, शक्ति और मनोरंजन का ऐसा मेल देखने को मिला, जिसने उपस्थित जनसमूह को लंबे समय तक याद रहने वाले पल दे दिए। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह इस अवसर पर अपने खास अंदाज में नजर आए। मौका था सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज के जन्मदिन का, जिसे उन्होंने एक असाधारण उपहार देकर और भी विशेष बना दिया।
जन्मदिन पर मिला 20 लाख रुपये की श्यामा गाय का उपहार
महोत्सव का सबसे आकर्षक क्षण तब सामने आया, जब बृजभूषण शरण सिंह ने ऋतेश्वर महाराज को उनके जन्मदिन पर एक बेहद दुर्लभ ‘श्यामा गाय’ भेंट की। काले रंग की इस गाय की कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह बेशकीमती गाय विशेष रूप से हरियाणा से मंगाई गई थी। जैसे ही महाराज की नजर इस श्यामा गाय पर पड़ी, वे भावुक हो उठे और स्नेहपूर्वक उसे दुलारने लगे। बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि यह उपहार उनके एक करीबी मित्र द्वारा महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए भेजा गया है।
इस अवसर पर ऋतेश्वर महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में राष्ट्र, धर्म और आत्मा की आवाज को समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से महापुरुषों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
भजनों से सजा मंच, पवन सिंह और बृजभूषण का खास अंदाज
भक्ति के वातावरण में उस समय और ऊर्जा भर गई, जब भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार पवन सिंह मंच पर पहुंचे। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में दो भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। इसके बाद जब स्वयं बृजभूषण शरण सिंह ने माइक संभालते हुए ‘आज नंदिनी नगरिया निहार सखियां…’ गीत गाया, तो श्रोताओं ने तालियों की गूंज से उनका उत्साह बढ़ाया।
इसी दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने महोत्सव के भंडारे में परोसे गए ‘बथुए के सगपहिते’ का स्वाद लिया और इसे लेकर मजाकिया लेकिन गंभीर मांग रखी। उन्होंने कहा कि बथुआ अब एक राष्ट्रीय पहचान बन चुका है और इसे भारत का ‘नेशनल फूड’ घोषित किया जाना चाहिए।
कुश्ती स्टेडियम में दिखे दांव-पेंच
कथा के समापन के बाद देर शाम बृजभूषण शरण सिंह, ऋतेश्वर महाराज को लेकर नंदिनी नगर स्थित कुश्ती स्टेडियम पहुंचे। वहां पहलवानों के अभ्यास के बीच तलवारबाजी का प्रदर्शन किया गया। बृजभूषण ने महाराज का परिचय अपने पुराने खिलाड़ियों और स्टाफ से कराया। इसी दौरान उन्होंने अपने मालिश करने वाले नेशनल पदक विजेता और निजी नाई की फिट बॉडी की ओर इशारा करते हुए चुटकी ली। उनका यह हल्का-फुल्का अंदाज सुनकर ऋतेश्वर महाराज भी मुस्कुरा उठे और दोनों को आशीर्वाद दिया।
स्टेडियम में मौजूद पहलवानों और दर्शकों के लिए यह क्षण न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि लंबे समय तक याद किए जाने वाला भी बन गया।
Author: Shivam Verma
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