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Delhi News: सांप के काटने से होने वाली मौतों पर NHRC सख्त, सभी राज्यों को दिए गए सख्त निर्देश

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Delhi News: देशभर में सांप के काटने से होने वाली मौतों के मामलों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस गंभीर विषय पर अपना कड़ा रुख अपनाते हुए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरी और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एनएचआरसी का मानना है कि समय पर उचित चिकित्सा और दवाएं मिलने से अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती है, इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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आयोग की बेंच ने विशेष रूप से यह आदेश दिया है कि देश के दूर-दराज के इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। अक्सर ऐसा देखा गया है कि समय पर यह जीवनरक्षक इंजेक्शन न मिलने के कारण मरीजों की जान चली जाती है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सभी स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पीड़ित के पहुंचते ही उसे तुरंत इलाज मिल सके।

इसके अलावा, प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हाई-रिस्क जोन की पहचान करें। जिन इलाकों में सांप के काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आती हैं, वहां विशेष आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं स्थापित की जानी चाहिए। साथ ही, इन सभी मामलों का पूरा डेटा तैयार करने के लिए भी कहा गया है ताकि भविष्य की रणनीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

यह पूरा मामला मुख्य रूप से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में हुई दुखद घटनाओं के बाद सामने आया है। गढ़चिरौली के एक आदिवासी आवासीय स्कूल में छात्रावास में सांप के डसने से तीन छात्राओं की मौत हो गई थी, जबकि चित्रकूट में समय पर एंटी-स्नेक वेनम न मिलने के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई थी। इन दोनों ही मामलों ने देश के स्वास्थ्य और सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

एनएचआरसी ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों और जंगलों के पास बने आवासीय छात्रावासों के बुनियादी ढांचे की कड़ी समीक्षा करने पर भी विशेष जोर दिया है। आयोग का कहना है कि ऐसे परिसरों में बच्चों के सोने की सुरक्षित व्यवस्था, पर्याप्त खाट, और वॉर्डन की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए। इस पूरे मामले में आयोग ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से एक तय समय सीमा के भीतर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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