Stock Market Crash: बुधवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। कारोबार की शुरुआत होते ही घरेलू बाजार में निवेशकों के बीच अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 250 अंकों से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण बाजार के शुरुआती सत्र में ही निवेशकों की पूंजी को तगड़ा नुकसान हुआ है।
शेयर बाजार में आए इस अचानक भूचाल के पीछे का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रंप के इस आक्रामक रुख और ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों की खबरों ने वैश्विक बाजार के साथ-साथ भारतीय बाजार का सेंटीमेंट भी बिगाड़ दिया है।
इस गिरावट का असर बाजार के दिग्गज शेयरों पर साफ नजर आ रहा है। लार्ज कैप में इंडिगो और इटरनल जैसे शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप के कई दिग्गज स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी जबरदस्त उबाल आया है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने एशियाई बाजारों को भी प्रभावित किया है। जापान का निक्की इंडेक्स हो या दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हर तरफ गिरावट का आलम है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप के दावों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति बाधित होने का डर पैदा कर दिया है, जिसका असर हम सीधे स्टॉक एक्सचेंज पर देख रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को मौजूदा अस्थिरता के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है। यह समय जल्दबाजी में कोई भी बड़ा कदम उठाने का नहीं है, बल्कि बाजार के हर मूवमेंट पर नजर रखने की जरूरत है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें ताकि जोखिम को कम किया जा सके और अपने निवेश पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखा जा सके।
Author: Shivam Verma
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