World News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को इस्लामाबाद हाई कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। अदालत ने रावलपिंडी की अदियाला जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोनों को एकांत कारावास यानी सेल में अकेले रखने की प्रथा को तुरंत समाप्त किया जाए। कोर्ट ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जेल मैनुअल के नियमों के मुताबिक उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हों।
जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो ने सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि कैदियों के साथ जेल के कानूनों के तहत ही व्यवहार किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने इमरान खान की बहन और बुशरा बीबी की बेटी द्वारा दायर की गई उन याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था, जिनमें उन्हें एकांत में रखे जाने और बुनियादी सुविधाओं से वंचित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
अदालत ने जेल प्रशासन को यह भी आदेश दिया है कि इमरान खान को अपने बेटों से टेलीफोन पर बातचीत करने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, उन्हें नियमित रूप से समाचार पत्र और किताबें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि परिवार के सदस्यों को भी नियमों के अनुसार जेल में उनसे मुलाकात करने का पूरा अधिकार है, इसमें कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान जेल अधीक्षक साजिद बेग ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि इमरान खान को पूरी तरह से बंद नहीं रखा जा रहा है और उन्हें दिन के समय परिसर में घूमने की सुविधा दी गई है। हालांकि, कोर्ट ने इन दावों के बावजूद स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जेल अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) जमा करने का सख्त आदेश जारी किया है।
बता दें कि अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को कई भ्रष्टाचार के मामलों में सजा सुनाई गई है। खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ इसे पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। समर्थकों का आरोप है कि जेल के अंदर उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं और परिवार से मिलने के अधिकारों से जानबूझकर दूर रखा जा रहा है, जिस पर अब हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए राहत दी है।











