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Jharkhand News: पंचायत का तुगलकी फरमान, रेप पीड़िता पर लगाया एक लाख का जुर्माना, शराब और मुर्गे की दावत में उड़ाए पैसे

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Jharkhand News: देश में कानून का राज होने के बावजूद कई ग्रामीण इलाकों में आज भी खाप और पंचायतों का खौफनाक चेहरा सामने आता रहता है। हाल ही में एक ऐसा ही घिनौना मामला प्रकाश में आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक पीड़ित नाबालिग लड़की के साथ हुए रेप के मामले में पंचायत ने न्याय करने के बजाय पीड़िता के परिवार पर ही भारी भरकम आर्थिक दंड लगा दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

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मिली जानकारी के अनुसार, पंचायत ने इस गंभीर मामले में आरोपी को सजा देने के बजाय पीड़िता के परिवार पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। पंचायत का तर्क था कि यह जुर्माना आपसी समझौते के नाम पर लगाया गया है। हालांकि, पंचायत के इस फरमान के बाद जिस तरह से पैसों का बंदरबांट हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया है। पीड़ित परिवार से वसूले गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा पंचायत के रसूखदारों ने अपनी मौज-मस्ती में खर्च कर दिया।

रिपोर्ट्स की मानें तो पंचायत द्वारा वसूले गए जुर्माने की राशि में से करीब 20 हजार रुपये शराब और मुर्गे की दावत पर उड़ा दिए गए। जहां समाज में पंचायत को न्याय का प्रतीक माना जाता है, वहां पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा रेप जैसे जघन्य अपराध को दावत-पानी का जरिया बनाना गंभीर प्रशासनिक चूक और अपराध की श्रेणी में आता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रामीण स्तर पर अभी भी कानून से ऊपर कुछ तथाकथित दबंग खुद को मानते हैं।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। पीड़िता के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है और पंचायत के इस अवैध फैसले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पंचायत को कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पुलिस अब उन सभी लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने पंचायत के नाम पर इस घिनौनी साजिश को अंजाम दिया और पैसों का दुरुपयोग किया है।

फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता और महिला संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इस पंचायत के तुगलकी फरमान में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में प्रशासन की ढिलाई के कारण ही पंचायतों का मनोबल बढ़ रहा है, जिसे समय रहते रोकना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी पीड़िता दोबारा इस तरह के अपमान का शिकार न हो।

Shivam Verma
Author: Shivam Verma

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