Sonbhadra News: जनपद में गेहूं खरीद व्यवस्था की जमीनी स्थिति किसानों की मुश्किलों को उजागर कर रही है। भीषण गर्मी के बीच अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए किसान क्रय केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन अव्यवस्थित व्यवस्था और लापरवाही उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है। घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का मौका नहीं मिल पा रहा है।
भीषण गर्मी में लंबी कतारों से जूझते किसान
रामगढ़ क्रय केंद्र पर किसानों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यहां ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां किसान कई-कई घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। तेज धूप और तपती जमीन के बीच खड़े होकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखने और बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई किसानों को कई दिनों तक केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
व्यवस्था पर उठे सवाल, सरकार पर आरोप
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं के प्रति सरकार का रवैया पूरी तरह संवेदनहीन हो गया है। उनका आरोप है कि जैसे धान खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार देखने को मिला था, उसी तरह अब गेहूं खरीद में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि क्रय केंद्रों पर तैनात प्रभारी किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं और उन्हें बार-बार दौड़ाया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ रहा है।
सुधार न हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का एक दल जब क्षेत्रीय दौरे पर रामगढ़ क्रय केंद्र पहुंचा, तो वहां की स्थिति देखकर पदाधिकारी नाराज हो गए। मौके पर ही केंद्र प्रभारी और कर्मचारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी गई। संदीप मिश्र ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीदा गया और लंबी कतारें खत्म नहीं हुईं, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी या भ्रष्टाचार को अब सहन नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस दौरान अरुण पाण्डेय, राजेश चौहान, पवन मौर्य, उदित कुमार और प्रकाश पाण्डेय सहित कई स्थानीय किसान और मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।
Author: Shivam Verma
Description










